युवा संघर्षशील समिति बांट रही पनोथ गांव में ज्ञान का प्रकाश

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कहते हैं कि शिक्षा बांटने से बढ़ती है इसी की मिसाल पैदा कर रही पनोथ की युवा संघर्षशील समिति। जो कि पनोथ गांव में शिक्षा को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ यहां के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार कर रही है। जबकि इस समिति की ओर से गांव में एक पुस्तकालय खोला गया है। जिसमें कि बच्चों को हर प्रकार से उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा रही है।डुंडा ब्लॉक के पनोथ में यहां से बने शिक्षकों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गांव में पनोथ युवा संघर्षशील समिति बनाई है। जिसका मुख्य उद्देश्य गांव के बच्चों के साथ बुजुर्गों तथा महिलाओं को शिक्षा के लिए जागरूक करने का है। इस समिति ने मिलकर गांव के एक भवन में ज्ञान का प्रकाश बांटने के लिए पुस्तकालय खोला है। इस पुस्तकालय में हर प्रकार ज्ञान से लेकर मनोरंजन की किताबों का संकलन किया गया है। इसके साथ ही पुस्तकालय में देश दुनिया की जानकारी के लिए समाचार पत्रों को भी लगाया गया है। समिति के डा.रादेश, भूपेन्द्र, धनराज, अतौल बताते हैं कि इस पुस्तकालय में प्रत्येक दिन गांव के 20 से 30 बच्चे तथा बुजुर्ग किताबें पढ़ने आते हैं। कहा कि आज के समय में जहां शिक्षा के लिए गांव से पलायन हो रहा है। ऐसे में गांव के बच्चों को गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ अन्य उपयोगी पुस्तकों को उपलब्ध करवाई जा रही है। कहा कि इस पुस्तकालय में 800 से अधिक पुस्तकों का संकलन किया गया है। इसके साथ ही गांव के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जा रहा है। जबकि छुट्टी के दिन बच्चों के मध्य परीक्षाएं भी आयोजित करवाई जाती है। जिससे कि भविष्य में देने वाली उनकी ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार हो सकें।

curtsy:https://www.livehindustan.com

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