जगत सिंह बिष्ट राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान भी नियमित शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है

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राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान अल्मोड़ा
राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान अल्मोड़ा

कुमाऊं के एकमात्र होटल मैनेजमेंट संस्थान में भी शिक्षकों का टोटा

 

अन्य सरकारी संस्थानों की तरह जगत सिंह बिष्ट राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान भी नियमित शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। कुमाऊं के इस एकमात्र संस्थान में उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों से भी छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं, लेकिन यहां प्रवक्ता, सहायक प्रवक्ता के पद खाली चल ही रहे हैं। यही नहीं लैब असिस्टेंट के सभी छह पद भी लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। दूसरी ओर सरकार भी यहां नियमित शिक्षक भेजने को राजी नहीं है और संविदा शिक्षकों के सहारे संस्थान को किसी तरह चलाया जा रहा है।
यह संस्थान वर्ष 1991 में अस्तित्व में आया था। तब से अब तक संस्थान में केवल दो ही प्रधानाचार्य विभाग की ओर से नियुक्त हुए हैं। वर्तमान में यहां 135 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और इन्हें पढ़ाने के लिए संस्थान में नियमित शिक्षक तक नहीं हैं। इनमें प्रवक्ताओं के छह पदों के सापेक्ष एक पद नियमित और बांकी संविदा पर चल रहे हैं। इसके अलावा सहायक प्रवक्ता के छह पदों के सापेक्ष दो में संविदा शिक्षक और चार पद रिक्त हैं। संस्थान में प्रधानाचार्य का दायित्व भी यहां का जिला प्रशासन देखता आया है। अब तक यहां का दायित्व बारी-बारी से करीब 19 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के जिम्मे रहा। इसके बावजूद संस्थान की सेहत नहीं सुधरी है।

नियमित शिक्षकों के संबंध में प्रस्ताव कई बार शासन को भेजा गया है। एक माह पूर्व नए अध्यापकों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू भी की गई थी, लेकिन किसी ने भी आवेदन नहीं किया। बजट कम होने के कारण फिलहाल संस्थान को संविदा शिक्षकों के ही सहारे चलाया जा रहा है

Curtsy:https://www.amarujala.com

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