उत्तराखण्ड के 11 सौ गांव हो चुके हैं वीरान, मंत्री ने खुद किया खुलासा

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उत्तराखंड में करीब 11 सौ गांव वीरान हो चुके हैं। यही नहीं चार हेक्टेयर के करीब जमीन भी बंजर हो चुकी है। यह चिंताजनक आंकड़े कृषि मंत्री ने उत्तरकाशी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रखे। उन्होंने कहा कि सरकार पलायन रोकने के लिए ठोस योजना तैयार कर रही है।
भटवाड़ी के स्वास्थ्य जागरूकता, कृषि, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेले के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए प्रदेश कृषि उद्यान एवं फल उद्योग मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। कहा कि उपला टकनौर क्षेत्र में सेब के साथ ही यहां राजमा व अन्य बेमौसमी फसल का अच्छा उत्पादन होता है। जिसके गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र में पांच कोल्ड रूम व दो कलेक्शन सेंटर बनायें जायेंगे। उन्होंने उत्तराखंड में विरान हो चुके गांवों के आकड़े भी रखे।
भटवाड़ी तहसील मुख्यालय के रामलीला मैदान में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता, कृषि पयर्टन एवं सांस्कृतिक विकास मेले के तीसरे दिन का शुभारंभ प्रदेश कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें पहली बार इस क्षेत्र के मेले में आने का अवसर मिला। कहा कि राज्य बनने के दौरान प्रदेश में लोगों का एक नारा था कि कोदा झंगोरा खायेंगे,अपना राज्य बनायेंगे। लेकिन आज अधिकांश लोग मैदानों की ओर रुख कर रहे हैं। प्रदेश के 1095 गांव तथा 3.97 हजार हेक्टेयर भूमि बंजर हो गई है। वहीं कृषि के क्षेत्र में सत्रह साल में 15 प्रतिशत की कमी आई है। कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के गांव से हो रहे पलायन को रोकने के लिए सरकार कृषि बागवानी पर कार्य कर रही है।
कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर ग्राम पंचायत में कृषि यंत्र बैंक खोलने जा रही है। जहां से किसान किराये पर कृषि यंत्र का प्रयोग कर खेती कर सकेगा। कहा कि बंदरों के आंतक से निजात दिलाने के लिए सरकार कृषि एवं वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर फलदार पेड़ लगाने की योजना बनाई जा रही है। वहीं 95 विकासखंडों की प्रत्येक न्याय पंचायत में वीर भड़ माधो सिंह भंडारी के नाम से मैं एक गांव हूं की एक योजना सरकार शुरू करने जा रही है। जिसमें चयनित ग्राम पंचायत में 15 लाख रुपये खर्च कर मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, भेड़ पालन सहित उद्यान एवं बागवानी के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। इस मौके पर उन्होंने मेले में टकनौर क्षेत्र के रैथल महिला मंगल दल के साथ रासौ तांदी नृत्य भी लगाया और शॉल देकर सम्मानित किया।Crusty :https://www.livehindustan.com

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